मॉर्गेज डीड में दर्ज होता है कि संपत्ति लोन की ज़मानत के रूप में गिरवी है। पुणे-मुंबई में ऋणदाता रजिस्टर्ड मॉर्गेज डीड या टाइटल डीड जमा करके इक्विटेबल मॉर्गेज इस्तेमाल करते हैं। महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम के तहत लोन राशि के प्रतिशत पर स्टाम्प ड्यूटी लगती है, और इक्विटेबल मॉर्गेज के लिए 30 दिनों में सब-रजिस्ट्रार के पास नोटिस ऑफ इंटिमेशन दाखिल करना होता है।
रजिस्टर्ड मॉर्गेज बनाम इक्विटेबल मॉर्गेज
| रजिस्टर्ड मॉर्गेज डीड | इक्विटेबल मॉर्गेज (टाइटल डीड जमा) | |
|---|---|---|
| कैसे बनता है | मॉर्गेज डीड पर हस्ताक्षर और सब-रजिस्ट्रार पर रजिस्ट्रेशन | मूल टाइटल डीड ऋणदाता के पास जमा |
| रजिस्ट्रेशन | अनिवार्य | रजिस्ट्रेशन नहीं, लेकिन नोटिस ऑफ इंटिमेशन दाखिल (धारा 89B) |
| कौन इस्तेमाल करता है | निजी ऋणदाता, कुछ NBFC, LAP | ज़्यादातर बैंक, होम लोन के लिए |
| लोन चुकाने पर | रजिस्टर्ड रीकन्वेयंस / रिलीज़ डीड | टाइटल डीड वापस; चार्ज मुक्ति दर्ज |
मॉर्गेज डीड के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
उधारकर्ता / गिरवी रखने वाला
- आधार और पैन कार्ड
- टाइटल डीड, इंडेक्स-II और चेन दस्तावेज़
- प्रॉपर्टी टैक्स रसीद और सोसाइटी NOC
- लोन सैंक्शन लेटर
ऋणदाता
- अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता पत्र / बोर्ड प्रस्ताव
- लोन एग्रीमेंट का संदर्भ
संपत्ति
- मंज़ूर नक्शा और ऑक्यूपेंसी सर्टिफ़िकेट
- ज़मीन के लिए 7/12 या प्रॉपर्टी कार्ड
- मूल्यांकन रिपोर्ट
मॉर्गेज डीड की प्रक्रिया कैसे होती है
- लोन समझें
सैंक्शन लेटर भेजें; ऋणदाता को रजिस्टर्ड मॉर्गेज चाहिए या इक्विटेबल, यह तय करते हैं।
- टाइटल और मूल्यांकन
बैंक जिन दस्तावेज़ों की जाँच करेगा उन्हें और रेडी रेकनर मूल्य को पहले ही जाँचते हैं।
- ड्राफ्ट और स्टाम्प
ऋणदाता के प्रारूप में मॉर्गेज डीड; लोन राशि पर स्टाम्प ड्यूटी।
- हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन
उधारकर्ता और बैंक प्रतिनिधि सब-रजिस्ट्रार पर हस्ताक्षर करते हैं, या टाइटल डीड जमा होकर नोटिस ऑफ इंटिमेशन दाखिल होता है।
- सौंपना
रजिस्टर्ड मॉर्गेज और इंडेक्स-II ऋणदाता को; प्रतियाँ आपको।
अपना मॉर्गेज डीड बिना उलझन के पूरा करें
अपनी जानकारी WhatsApp पर भेजें। भुगतान से पहले ही हम दस्तावेज़ों की सटीक सूची और स्टाम्प ड्यूटी का अनुमान देते हैं।
महाराष्ट्र में मॉर्गेज पर स्टाम्प ड्यूटी
मॉर्गेज पर स्टाम्प ड्यूटी महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम के अनुच्छेद 40 (मॉर्गेज डीड) या अनुच्छेद 6 (टाइटल डीड जमा) के तहत सुरक्षित राशि पर निकलती है। प्रकार और लोन राशि के अनुसार दर और अधिकतम सीमा अलग होती है, और कब्ज़े वाला मॉर्गेज कन्वेयंस की तरह लगता है। ये प्रावधान समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए निष्पादन से पहले आपके लोन के लिए सटीक राशि हम निकालते हैं।
संपत्ति पर सुरक्षित निजी लोन
किसी रिश्तेदार या व्यावसायिक साथी को उनके फ़्लैट के बदले लोन दे रहे हैं? सही तरीके से रजिस्टर्ड मॉर्गेज डीड आपकी सुरक्षा करती है: सभी को सूचना मिलती है कि संपत्ति पर चार्ज है, आपकी सहमति के बिना साफ़ बिक्री नहीं हो सकती, और संपत्ति अंतरण अधिनियम के तहत उपाय मिलते हैं। ब्याज, पुनर्भुगतान अनुसूची, डिफ़ॉल्ट और मोचन की शर्तें दोनों पक्षों के अनुसार बनाते हैं।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड, मुंबई, ठाणे और पालघर में मॉर्गेज डीड (बंधक विलेख)
इन सभी शहरों के ग्राहकों के लिए हम मॉर्गेज डीड का काम करते हैं। स्थानीय स्तर पर क्या अलग है:
| शहर | स्थानीय जानकारी |
|---|---|
| पुणे | रजिस्ट्रेशन: हवेली और पुणे शहर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस; ड्राफ्ट, स्टाम्प ड्यूटी और अपॉइंटमेंट हम तय करते हैं। |
| पिंपरी-चिंचवड | रजिस्ट्रेशन: पिंपरी-चिंचवड का संबंधित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (हवेली / मावल / मुलशी); ड्राफ्ट, स्टाम्प ड्यूटी और अपॉइंटमेंट हम तय करते हैं। |
| मुंबई | रजिस्ट्रेशन: मुंबई सिटी और मुंबई सबअर्बन सब-रजिस्ट्रार ऑफिस; ड्राफ्ट, स्टाम्प ड्यूटी और अपॉइंटमेंट हम तय करते हैं। |
| ठाणे | रजिस्ट्रेशन: ठाणे ज़िला सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (ठाणे, कल्याण, भिवंडी, उल्हासनगर, अंबरनाथ); ड्राफ्ट, स्टाम्प ड्यूटी और अपॉइंटमेंट हम तय करते हैं। |
| पालघर | रजिस्ट्रेशन: पालघर ज़िला सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (वसई, पालघर, डहाणू और अन्य); ड्राफ्ट, स्टाम्प ड्यूटी और अपॉइंटमेंट हम तय करते हैं। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मॉर्गेज डीड क्या है?
संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 58 के तहत एक दस्तावेज़ जिससे उधारकर्ता लोन की ज़मानत के रूप में किसी ख़ास संपत्ति में हित ऋणदाता को हस्तांतरित करता है।
क्या मॉर्गेज डीड का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
हाँ, ₹100 या अधिक की ज़मानत वाली मॉर्गेज डीड रजिस्टर होनी चाहिए। टाइटल डीड जमा करके इक्विटेबल मॉर्गेज रजिस्टर नहीं होता, लेकिन महाराष्ट्र में 30 दिनों में नोटिस ऑफ इंटिमेशन दाखिल करना होता है।
मॉर्गेज की स्टाम्प ड्यूटी कौन देता है — उधारकर्ता या बैंक?
सैंक्शन लेटर में लिखे अनुसार आम तौर पर उधारकर्ता स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देता है।
महाराष्ट्र में मॉर्गेज पर स्टाम्प ड्यूटी कैसे निकलती है?
सुरक्षित लोन राशि के प्रतिशत पर, महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम के अनुच्छेद 40 या 6 के तहत, हर अनुच्छेद की अधिकतम सीमा के साथ। आपके लोन के लिए हम निकालकर देते हैं।
लोन चुकाने के बाद क्या होता है?
रजिस्टर्ड मॉर्गेज के लिए ऋणदाता रीकन्वेयंस या रिलीज़ डीड करता है जो रजिस्टर होकर चार्ज हटाती है। इक्विटेबल मॉर्गेज के लिए टाइटल डीड वापस होती हैं और मुक्ति दर्ज होती है। देखें: रीकन्वेयंस डीड।






